
देवास। समयावधि पत्रों एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक सोमवार को निगम बैठक हाल में निगमायुक्त दलीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में निगमायुक्त ने विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के आवेदनों की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने पात्र हितग्राहियों से संपर्क कर आवेदनों की संख्या बढ़ाने तथा क्रेडिट कार्ड के आवेदनों में भी प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबल, कर्मकार कल्याण एवं मानधन योजना के आवेदनों पर विशेष फोकस करने के साथ ई-केवाईसी के कार्य में तेजी लाने को कहा।
अवैध से वैध नल कनेक्शन, सीवरेज कनेक्शन तथा अमृत 2.0 योजना के तहत दिए जाने वाले नल कनेक्शनों के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों एवं स्वच्छता निरीक्षकों को सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। वहीं सड़क पर विचरण करने वाले आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला पहुंचाने के लिए गठित टीम के आदेशों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
मैरीज गार्डनों के संपत्तिकर खातों में सुधार की जानकारी लेते हुए निगमायुक्त ने संपत्तिकर एवं कचरा संग्रहण शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए। जिन मैरिज गार्डनों से कचरा संग्रहण शुल्क जमा नहीं हो रहा है, उन्हें सूचना पत्र जारी करने को कहा। अमृत हरित अभियान के तहत लगाए जा रहे पौधों की जानकारी लेते हुए उन्हें पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सड़क संकेतक एवं स्मार्ट फिश कॉर्नर के कार्यों की समीक्षा कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश उपायुक्त श्री पटेल को दिए गए। जीर्ण-शीर्ण भवनों के संबंध में जारी सूचना पत्रों पर कार्रवाई करने के निर्देश उपयंत्रियों को दिए।

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती के निर्देश
निगमायुक्त ने अवैध कॉलोनियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उपयंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनी में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए। यदि निर्माण किया जाता है तो तत्काल निर्माण हटाने के साथ संबंधित के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
अंत में निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन, महापौर हेल्पलाइन एवं समयावधि पत्रों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का सभी उपयंत्री एक सप्ताह में शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें।