
देवास। शहर के पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण एक बार फिर सामने आया, जब मोती बंगला स्थित शिवशक्ति ग्राउंड की झुग्गी-बस्ती में रहने वाले मासूम बच्चे स्वयं एसपी कार्यालय पहुंचे और उनसे आत्मीय मुलाकात की।

इस दौरान बच्चों ने अपनी बनाई हुई सुंदर पेंटिंग्स पुलिस अधीक्षक को दिखाईं। बच्चों की रचनात्मकता और मासूमियत को देखकर एसपी गेहलोत भावुक हो उठे। उन्होंने सभी बच्चों की खुलकर सराहना करते हुए उन्हें शाबाशी दी। कई बच्चों ने अपनी कविताएं भी सुनाईं, जिससे वहां का माहौल बेहद भावनात्मक और प्रेरणादायक बन गया।

पुलिस अधीक्षक ने बच्चों को मिठाई खिलाई और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जो बच्चे पढ़ाई, खेलकूद या नृत्य में रुचि रखते हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

इस अवसर पर एसपी गेहलोत ने पुलिस विभाग में पूर्व में देवास में पदस्थ एवं वर्तमान में शाजापुर में कार्यरत एएसआई जितेंद्र दुबे, उनकी पत्नी तथा उनकी पूरी टीम के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह टीम वर्षों से झुग्गी-बस्ती में रहने वाले बच्चों के लिए ‘पुलिस की पाठशाला’ संचालित कर रही है, जो निस्संदेह एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक पहल है।

एसपी गेहलोत ने भावुक होकर कहा कि बच्चों से मिलकर उनका मन प्रफुल्लित हो गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में भी समय-समय पर बस्ती में जाकर बच्चों से मिलेंगे और उनकी हरसंभव मदद करेंगे।

यह मुलाकात न केवल बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बनी, बल्कि समाज में पुलिस की संवेदनशील और सकारात्मक छवि को भी मजबूत करने वाली पहल के रूप में सामने आई।