
देवास, कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान सोनकच्छ सिविल अस्पताल में लापरवाही पाए जाने पर नर्सिंग स्टाफ एवं ड्यूटी इंचार्ज का 10-10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा गया।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि ओपीडी में आने वाली प्रत्येक महिला की कैंसर (स्तन, ओरल एवं सर्वाइकल) जांच अनिवार्य रूप से की जाए। वहीं हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्रसव से पूर्व ही स्वास्थ्य संस्थाओं में भर्ती करने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार के तहत अब एआई जनरेटेड कॉल सिस्टम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि “मातृ एवं शिशु मृत्यु लापरवाही का संकेत है, इसे हर हाल में कम करना होगा।” उन्होंने अधिकारियों को डेटा मॉनिटरिंग, ट्रैकिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।